कुछ दिन पहिले लागत रहुवे कि भोजपुरी सिनेमा के दिन लद गइल बाकिर निरहुआ इन्टरटेनमेंट के बनावल पहिलका फिलिम प्रेम के रोग भइल एक बेर फेर से साबित कर दिहलसि कि निमन फिलिम हर दौर में चल जाले.

बिहार में सफलता के परचम लहरवला का बाद प्रेम के रोग भइल पूर्वांचल के १२ गो सिनेमाघर में एके साथ रिलीज कइल गइल. बनारस के आनन्द सिनेमाघर में १२ बजे वाला शो के टिकट खातिर सबेरहीं से लाइल लागल रहुवे काहे कि ओही शो में प्रीमियरो होखे वाला रहल. टिकट खिड़की खुलला का कुछे देर में हाउसफुल के बोर्ड लटक गइल. बेसब्र दर्शक माने के तईयार ना रहलन आ जबरिया दरवाजा खोल के भीतर घुस गइलन. बलिया में भीड़ अतना बेकाबू हो गइल कि भगदड़ मच गइल. हर केहू निरहुआ से मिले खातिर बेचैन रहे. बेचारू फारुक सिद्दिकी के हाथ के हड्डी टूट गइल.
अइसनका नइखे कि भोजपुरी सिनेमा का इतिहास में अइसनका भीड़ पहिलका बेर भइल. जब जब दिनेशलाल यादव निरहुआ के फिलिम रिलीज होले तब तब भोजपुरिया दर्शकन के भीड़ उमड़ि के साबित कर देले कि भोजपुरी के असल सुपर स्टार के हऽ!
प्रेम के रोग भइल के टिकटन खातिर मारामारी आ ब्लैक देख के लोग कह उठल कि ई त नदियो के पार के रिकार्ड तूड़ दिहलसि. फिलिम निर्माण का हर क्षेत्र में मजबूत साबित भइल बा प्रेम के रोग भइल. गीत संगीत ओतने लोकप्रिय भइल बा आ फिलिम में हर मसाला सही अनुपात में शामिल बा जेहसे दर्शक वाह वाह कर उठल बाड़े. आजु का दौर में भोजपुरी फिलिमन के सफलता के इतिहास फेर से दोहरावे जा रहल बिया प्रेम के रोग भइल